अनुसंधान
परिचय: तीसरी सरकार अभियान का उद्देश्य पंचायत और नगरपालिका व्यवस्थाओं का गहन अध्ययन कर उन्हें सशक्त और प्रभावी बनाना है। हमारे अनुसंधान कार्य ग्रामीण और नगरीय समुदायों के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण है, जिससे स्थानीय स्वशासन की प्रक्रियाओं और नीतियों में सुधार हो सके।
- अनुसंधान के क्षेत्र:
- संवैधानिक और कानूनी ढांचा: 73वें और 74वें संविधान संशोधन और विभिन्न राज्यों के पंचायतीराज अधिनियमों का अध्ययन।
- प्रशासनिक प्रक्रियाएँ: पंचायतों और नगरपालिकाओं की प्रशासनिक संरचना और उनके संचालन की प्रक्रिया का विश्लेषण।
- वित्तीय प्रबंधन: पंचायतों और नगरपालिकाओं के वित्तीय संसाधनों का अध्ययन और उनके प्रबंधन के तरीकों का विश्लेषण।

- प्रमुख अनुसंधान परियोजनाएँ:
- स्थानीय स्वशासन के प्रभाव: पंचायतों और नगरपालिकाओं के माध्यम से लागू योजनाओं और कार्यक्रमों का अध्ययन और उनके सामाजिक-आर्थिक प्रभाव का मूल्यांकन।
- नीतिगत सिफारिशें: पंचायतीराज और नगरपालिका व्यवस्थाओं में सुधार के लिए नीतिगत सिफारिशें और सुझाव।
- सर्वेक्षण और डेटा संग्रहण: ग्राम और नगरीय समुदायों में सर्वेक्षण और डेटा संग्रहण के माध्यम से जमीनी हकीकत का पता लगाना।
- अनुसंधान दल:
- मार्गदर्शन: श्री सुनील कुमार जी (पूर्व सचिव पंचायतीराज मंत्रालय भारत सरकार), डॉ. चन्द्रशेखर प्राण (संस्थापक TSA), श्री योगेश आन्दले (सदस्य इंडिया पंचायत फाउंडेशन)।
- शोधकर्ता:
- डॉ. लोवीना सेहरा (सीनियर फ़ेलो)
- श्रीमती नलिनी मिश्रा (जूनियर फ़ेलो)
- प्रकाशन और रिपोर्ट्स:
- प्रकाशित पुस्तकें:
- “ग्राम स्वराज्य: नया सन्दर्भ और आगे का रास्ता”
- “राजस्थान ग्राम पंचायत सदस्यनामा”
- “हरियाणा ग्राम पंचायत सदस्यनामा”
- “झारखंड ग्राम पंचायत सदस्यनामा”
- “लोकतंत्र, विकास और पंचायत: एक समन्वित दृष्टिकोण”
- प्रशिक्षण और कार्यशालाएँ:
- पंचपरमेश्वर विद्यापीठ के तत्वाधान में विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन।
- स्थानीय संसाधन, कौशल व समूह आधारित उद्यमिता विकास प्रशिक्षण।
- भविष्य की योजनाएँ:
- नए अनुसंधान क्षेत्रों का अन्वेषण: पंचायत और नगरपालिका व्यवस्थाओं में उभरते मुद्दों और चुनौतियों पर अनुसंधान।
- समुदाय सहभागिता: ग्रामीण और नगरीय समुदायों के साथ मिलकर जमीनी स्तर पर अनुसंधान करना और परिणामों का कार्यान्वयन सुनिश्चित करना।